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हिन्दी भाषा Hindi Language

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Video हिन्दी भाषा ( Hindi Language ) * परिचय   (Introduction):- हिंदी भाषा भारत की प्रमुख और व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। यह भारत की राजभाषा है और देश के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों लोग इसे बोलते और समझते हैं। हिंदी न केवल एक संचार का माध्यम है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। वैसे तो हिंदी  मुख्यतः भारत के उत्तरी, मध्य और कुछ पश्चिमी क्षेत्रों में बोली जाती है । लेकिन वर्तमान समय में हिंदी का महत्व केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्व स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुकी है। हिंदी भाषा विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में शीर्ष स्थानों में आती है। 

हमारी पृथ्वी ( Our Earth )

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Video हमारी पृथ्वी ( Our Earth ) पृथ्वी की परिभाषा (Definition of Earth):-   पृथ्वी सौरमंडल का एक ग्रह है, जिस पर जीवन की सभी संभावित तत्व  (जैसे :- जल, वायु, भूमि तथा अनुकूल तापमान ) उपलब्ध है जिसके कारण यहाँ जीव-जंतु और मनुष्य का अस्तित्व कायम है।  जो सूर्य से तीसरा ग्रह है।  यानि सौरमंडल में इसका स्थान ( सूर्य से क्रमशः बुध 🠊 शुक्र 🠊 पृथ्वी 🠊मंगल ) है।  पृथ्वी की आकर  (Shape of Earth):- पृथ्वी का  वास्तविक आकार "भू- आभ (Geo-id ) के आकार का है , जो पूरी तरह से नहीं बल्कि लगभग गोल होता है।  पृथ्वी भी पूरी तरह से गोल नहीं है।  इसके दोनों ध्रुव   (ऊपर, उतरी ध्रुव और निचे, दक्षिणी ध्रुव ) थोड़ी चपटी, थोड़ी उबड़-खाबड़  है और भूमध्य रेखा उभरा हुआ है।  

हमारी नदियाँ (Our Rivers )

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Video हमारी नदियाँ  ( Our Rivers ) नदी की मूल परिभषा (Basic Definition of River)  जल का वह प्राकृतिक प्रवाह (बहाव) है,जो पर्वतों , झीलों या हिमनदों से निकल कर मैदानों से होकर बहता है और अंत में किसी समुद्र, झील या दूसरे नदी में मिल जाता है   "नदी कहलाती  है। " नदी के प्रकार (Types of River) नदियों को उनके जल स्रोत और प्रवाह के आधार पर छः प्रकारों में बाँटा जाता है, जैसे:- 1. स्थायी नदियाँ (Perennial Rivers ):- वैसी नदियाँ जो सालोभर जल से भरी रहती हैं। जिनका जल स्रोत हिमनद (Glaciers ) और वर्षा  (Rain) होता है। ऐसी नदियाँ गर्मियों में भी नहीं सूखतीं।  ऐसी नदियाँ बड़े मैदान और डेल्टा का निर्माण करती है। जैसे :- गंगा, ब्रह्मपुत्र, नील और अमेजन आदि।  ऐसी नदियाँ  अधिकांशतः हिमालयी होती है। इसे बारहमासी नदियाँ भी कहा जाता है।   2. मौसमी नदियाँ (Seasonal Rivers ):- वैसी नदियाँ जो केवल वर्षा ऋतू में बहती है और गर्मी में सुख जाती है। जिनका जल स्रोत केवल वर्षा होती है। इसका जल प्रवाह अनियमित और कम गहराई का होता है। जैसे :- लूनी नदी, घघगरा नदी, ...

पानी बचाओ - जीवन बचाओ !

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पानी बचाओ - जीवन बचाओ ! पानी प्रकृति का वह अमूल्य उपहार है, जिसके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मानव शरीर का लगभग 70 प्रतिशत भाग पानी से बना है। न केवल मनुष्य, बल्कि पशु, पक्षी, पेड़-पौधे और समस्त जीव-जगत पानी पर ही निर्भर हैं। इसी कारण पानी को जीवन का आधार कहा गया है। आज पृथ्वी पर जल की उपलब्धता असमान होती जा रही है। समुद्रों में जल प्रचुर मात्रा में है, परंतु वह खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं है। जो थोड़ा-सा मीठा पानी उपलब्ध है, वह नदियों, झीलों, तालाबों और भूमिगत जल के रूप में है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण, औद्योगिक विकास और आधुनिक जीवनशैली के कारण इस सीमित जल का अत्यधिक और अनियंत्रित दोहन किया जा रहा है। वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है। अनेक स्थानों पर भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कहीं सूखा पड़ रहा है तो कहीं बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसका मुख्य कारण है—जल का अपव्यय, वर्षा जल का संरक्षण न करना, जंगलों की कटाई और जल स्रोतों का प्रदूषण। कारखानों का गंदा पानी नदियों में छोड़ दिया जाता है, जिससे जल अशुद्ध हो जाता है और उपयो...

चाँद की सैर (Moon)

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चाँद का परिचय (Moon)  चाँद पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है, जिसे संस्कृत में चंद्रमा , शशि , इंदु और सोम भी कहा जाता है। यह पृथ्वी के साथ-साथ सूर्य की परिक्रमा करता है और पृथ्वी से देखने पर आकाश का सबसे चमकीला पिंड प्रतीत होता है। वास्तव में चाँद का अपना कोई प्रकाश नहीं होता, बल्कि वह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके चमकता है। चाँद और पृथ्वी का संबंध गुरुत्वाकर्षण बल पर आधारित है। इसी बल के कारण चाँद पृथ्वी के चारों ओर लगभग 3,84,400 किलोमीटर की औसत दूरी पर घूमता रहता है। चाँद को पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 27.3 दिन लगते हैं। रोचक तथ्य यह है कि चाँद अपने अक्ष पर भी उतने ही समय में एक घूर्णन पूरा करता है, इसलिए पृथ्वी से हमें चाँद का हमेशा एक ही भाग दिखाई देता है । चाँद का आकार पृथ्वी की तुलना में काफी छोटा है। इसका व्यास लगभग 3,474 किलोमीटर है और इसका गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का लगभग छठा भाग है। इसी कारण चाँद पर वस्तुएँ बहुत हल्की प्रतीत होती हैं और वहाँ कूदना आसान होता है। चाँद पर न के बराबर वायुमंडल है, इसलिए वहाँ न तो हवा है और न ही मौसम। ...

नीम का पेंड़

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नीम का पेंड़ :- महोगनी परिवार मेलियासी का एक संदस्य है जिसको  कई नामों जैसे :- (नीम, निम्ब, अरिष्ट, पिचुमर्द, कडुनिम और वैज्ञानिक नाम  Azadirachta indica है।  नीम एक औषधीय, सदाबहार और बहुवर्षीय वृक्ष है,   जो  मध्यम से बड़ा वृक्ष होता है।  * इसकी ऊँचाई सामान्यतः 15 से 25 मीटर तक होती है। * तना मोटा, कठोर और खुरदुरी छाल वाला होता है। * शाखाएँ चारों ओर फैली हुई और घनी होती हैं।   * पत्तियाँ हरी, लंबी, दाँतेदार और संयुक्त (compound  leaves) होती हैं।   * फूल सफेद और सुगंधित और गुच्छेदार सजीले होते हैं   (जिसकी लम्बाई लगभग 25 सेमि (10 इंच ) तक होता है।)   * फल चिकना गोलाकार से अंडाकार होता है (जिसका छिलका पतला , रेशेदार गुद्दा वाला , सफेद पीला रंग का और स्वाद कड़वा-मीठा होता है।)  जिसको निंबोली कहा जाता है। )    *  नीम बहुत लंबी आयु वाला वृक्ष है जो सालों भर हरा और सैकड़ों वर्ष तक जीवित रह सकता है।   इसकी उत्पति और प्रसार :- नीम मुख्य रूप से भारत और म्यांमार का मूल निवासी है क्योंकि इसका इतिहस भारत मे...