भारत का राष्ट्रियगीत ("वंदे मातरम")
भारत का राष्ट्रियगीत ("वंदे मातरम")
* यह भारत का राष्ट्रिय गीत है, जिसके प्रथम दो पद संस्कृत में तथा 'शेष पद बंगाली भाषा में है।
* इसके रचनाकार बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय जी है , जिन्होंने 7 नवंबर 1876 को बंगाल के कांतल पाड़ा नामक गाँव में किया था।
* इसका स्वरबद्ध राष्ट्रकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने किया और इसका अंग्रेजी अनुवाद अरविंदो घोष तथा उर्दू अनुवाद आरिफ मोहम्मद खान ने की थी।
* इस गीत का स्थान राष्ट्रगान के बराबर है। जिसकी मान्यता 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा से मिली थी।
*1881 में इस गीत को बंकिम चन्द्र जी ने अपने उपन्यास "आनंदमठ" में शामिल कर गीत को लम्बा भी किया था। जिसके बाद इसका विरोध भी हुआ था।
* 1905 में कांग्रेस कार्यकारणी की बैठक में इस गीत को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया गया था और बंग-भंग आंदोलन में राष्ट्रिय नारा बना था।
*14 अगस्त 1947 की रात्रि में संविधान सभा की पहली बैठक का प्रारम्भ " राष्ट्रीयगीत वंदे मातरम " और समापन "राष्ट्रगान जन-गण-मन" से हुआ था।
*2002 में बी. बी. सी. के एक सर्वेक्षण में "वन्दे मातरम " को विश्व का दूसरा सबसे अधिक लोकप्रिय गीत बताया गया था।
वंदे मातरम का सवैधानिक मान्यता प्राप्त पद :-
वंदे मातरम, वंदे मातरम!
सुजलाम,सुफलाम,मलयज शीतलाम ,
शस्यश्यामलाम, मातरम!
वंदे मातरम!
शुभरज्योत्स्नाम पुलकितयामिनीम,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम,
सुहासिनीम सुमधुर भाषिणीम,
सुखदाम वरदाम, मातरम!
वंदे मातरम, वंदे मातरम।।
* इसकी राग अवधि भी 52 सेकेंड तय की गयी है।
* इस गीत का निर्माण तब हुआ था जब अंग्रेजों ने " गॉड सेव द क़्वीन" गीत को गया जाना अनिवार्य कर दिया था।
* 15 अगस्त 1947 को आजादी की सुहानी सुबह में (प्रातः 6 :30 बजे ) आकाशवाणी से पंडित ओंकारनाथ ठाकुर का राग-देश में निबद्ध "वन्देमातरम" के गायन का सजीव प्रसारण हुआ था। जिसको सम्मान के साथ पुरे गीत को स्टूडियो में खड़े होकर गाया था। जिसका रिकॉर्ड (संख्या STC 048 7102 ) " दि ग्रामोफोन कम्पनी ऑफ इंडिया" में मौजूद है।
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