नीम का पेंड़









नीम का पेंड़ :-

महोगनी परिवार मेलियासी का एक संदस्य है जिसको  कई नामों जैसे :- (नीम, निम्ब, अरिष्ट, पिचुमर्द, कडुनिम और वैज्ञानिक नाम Azadirachta indica है। 

नीम एक औषधीय, सदाबहार और बहुवर्षीय वृक्ष है,  जो मध्यम से बड़ा वृक्ष होता है। 

* इसकी ऊँचाई सामान्यतः 15 से 25 मीटर तक होती है।

* तना मोटा, कठोर और खुरदुरी छाल वाला होता है।

* शाखाएँ चारों ओर फैली हुई और घनी होती हैं।
 
* पत्तियाँ हरी, लंबी, दाँतेदार और संयुक्त (compound  leaves) होती हैं। 

* फूल सफेद और सुगंधित और गुच्छेदार सजीले होते हैं (जिसकी लम्बाई लगभग 25 सेमि (10 इंच ) तक होता है।)
 
* फल चिकना गोलाकार से अंडाकार होता है (जिसका छिलका पतला , रेशेदार गुद्दा वाला , सफेद पीला रंग का और स्वाद कड़वा-मीठा होता है।) जिसको निंबोली कहा जाता है।)
 
 * नीम बहुत लंबी आयु वाला वृक्ष है जो सालों भर हरा और सैकड़ों वर्ष तक जीवित रह सकता है। 

इसकी उत्पति और प्रसार :-

नीम मुख्य रूप से भारत और म्यांमार का मूल निवासी है क्योंकि इसका इतिहस भारत में 5000 साल से भी पुराना है.इसको आयुर्वेदिक ग्रंथों में "सर्व रोग निवरणी " कहा गया है। और इसका भौगोलिक प्रसार भारतीय उपमहाद्वीप के अलावा ( पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, और अमेरिका सहित दुनिया के कई अन्य उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में फैला हुआ है। )


 नीम के प्रकार

वैज्ञानिक दृष्टि से नीम की मुख्य प्रजाति एक ही मानी जाती है, लेकिन स्थान और उपयोग के आधार पर इसे कुछ प्रकारों में बाँटा जाता है, जैसे:- 

1.  भारतीय नीम (Indian Neem)

 भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश में प्रमुख रूप से पाया जाने वाला। और सर्वाधिक औषधीय गुण वाला होता है। 

2. बर्मी नीम (Myanmar Neem)

म्यांमार और आसपास के क्षेत्रों में पाया जाने वाला नीम होता है जिनकी पत्तियां अपेक्षाकृत बड़ी होती हैं। 

3. अफ्रीकी नीम

अफ्रीका के गर्म और शुष्क क्षेत्रों में पाया जाने वाला नीम जो सूखा सहन करने की क्षमता अधिक रखता है। 

4. फारसी / अरबी नीम

मध्य-पूर्वी देशों में पाया जाने वाला नीम जो छाया और सजावटी वृक्ष के रूप में उपयोग किया जाता है। 


 नीम के गुण 

गुण की दृष्टि से नीम एक बहुगुणी वृक्ष है, जो मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और कृषि—तीनों क्षेत्रों में अत्यंत लाभकारी है। इसी कारण नीम को “प्रकृति की औषधि” कहा जाता है।

आयुर्वेदिक गुणों की दृष्टि से नीम

आयुर्वेद के अनुसार नीम एक बहुत ही उपयोगी औषधीय वृक्ष है। इसके गुण हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

नीम का स्वाद कड़वा होता है। यह शरीर में हल्का और सूखा असर करता है।नीम की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह शरीर की गर्मी को कम करता है। शरीर में पचने के बाद भी इसका प्रभाव शुद्धिकरण करने वाला रहता है। 
नीम कफ और पित्त दोष को शांत करता है।

इन्हीं गुणों के कारण नीम शरीर की अधिक गर्मी को कम करता है, सूजन में राहत देता है, और शरीर के हानिकारक विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

इसलिए आयुर्वेद में नीम को स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना गया है।


औषधीय गुणों की दृष्टि से नीम

* रोगाणुनाशक: बैक्टीरिया, वायरस व फंगस को नष्ट करता है। 
* रक्त शुद्धिकारी: खून को साफ करता है। 
* विषनाशक: शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। 
* सूजनरोधी: फोड़े-फुंसी और सूजन में लाभकारी।
* ज्वरनाशक: बुखार में उपयोगी।

स्वास्थ्य गुणों की दृष्टि से नीम

त्वचा रोगों (दाद, खुजली, मुहांसे) में लाभकरी। 
दांत और मसूड़ों को मजबूत करता है। 
मधुमेह नियंत्रण में सहायक होता है। 
पाचन तंत्र को शुद्ध करता है। 
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। 


पर्यावरणीय गुणों की दृष्टि से नीम

वायु को शुद्ध करता है। 
मच्छर और हानिकारक कीटों को दूर रखता है। 
तापमान संतुलित रखता है। 
जैविक कीटनाशक के रूप में उपयोगी। 


कृषि गुणों की दृष्टि से नीम

प्राकृतिक कीटनाशक का काम करता है।  मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।  फसलों को कीटों से सुरक्षित रखता है। जैविक खेती को बढ़ावा देता है। 

नीम का उपयोग 

नीम एक ऐसा औषधीय वृक्ष है जिसके लगभग सभी भाग उपयोगी होते हैं। नीचे सरल भाषा में नीम के भाग और उनके उपयोग बताए गए हैं, जैसे :-

नीम की पत्तियाँ 

* त्वचा रोगों मेंनीम की पत्तियाँ खुजली, दाद, फोड़े-फुंसी जैसे रोगों में मदद करती हैं।
* खून साफ करने मेंनीम की पत्तियाँ शरीर के खून को साफ रखने में सहायक होती हैं।
* बुखार में नीम की पत्तियों का काढ़ा बुखार कम करने में उपयोगी होता है।
* दातून के रूप में नीम की पत्तियाँ या टहनी दांत और मसूड़ों को स्वस्थ रखती हैं।
* कीटाणु नाश में नीम की पत्तियाँ कीटाणुओं को नष्ट करती हैं और संक्रमण से बचाती हैं।

👉 इसलिए नीम की पत्तियाँ हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत। 


 नीम की छाल 

नीम की छाल बहुत उपयोगी होती है। इसका प्रयोग इस प्रकार किया जाता है—
नीम की छाल बुखार और शरीर के संक्रमण में लाभ देती है। इससे बनी दवाइयाँ दांत और मसूड़ों को मजबूत करने में काम आती हैं।नीम की छाल से आयुर्वेदिक काढ़ा बनाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

👉 इसलिए नीम की छाल को आयुर्वेद में बहुत महत्व दिया गया है।


नीम के फूल

नीम के फूल भी बहुत उपयोगी होते हैं। इनका उपयोग इस प्रकार किया जाता है—

नीम के फूल पाचन ठीक करने में मदद करते हैं। ये भूख बढ़ाने में सहायक होते हैं। नीम के फूल शरीर की गर्मी कम करने में लाभ देते हैं।

👉 इसलिए नीम के फूल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।


 नीम के फल (निंबोली)

नीम के फल, जिन्हें निंबोली कहा जाता है, भी उपयोगी होते हैं। इनका उपयोग इस प्रकार किया जाता है—

निंबोली का प्रयोग औषधीय दवाइयाँ बनाने में किया जाता है। यह कीड़े-मकोड़ों को नष्ट करने में मदद करती है।

👉 इसलिए नीम के फल भी स्वास्थ्य और सफाई के काम आते हैं।


नीम के बीज

नीम के बीज बहुत उपयोगी होते हैं। इनका उपयोग इस तरह किया जाता है—

नीम के बीजों से नीम का तेल निकाला जाता है।यह तेल त्वचा रोगों की दवाइयाँ बनाने में काम आता है।

👉 इसलिए नीम के बीज स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। 


नीम का तेल

नीम का तेल बहुत काम का होता है। इसका उपयोग इस प्रकार किया जाता है—

नीम का तेल त्वचा और बालों के लिए अच्छा होता है। यह घाव जल्दी भरने में मदद करता है। नीम का तेल मच्छर और कीटों को दूर भगाता है। इसे जैविक कीटनाशक के रूप में भी उपयोग किया जाता है।

👉 इसलिए नीम का तेल स्वास्थ्य और खेती—दोनों के लिए लाभकारी है।


 नीम की टहनी (दातून)

नीम की टहनी (दातुन) दांत साफ करने में प्रयोग किया जाता है जो  मसूड़ों को मजबूत करने में मदद करता है। 


नीम की लकड़ी

फर्नीचर बनाने में (दरवाजे-खिड़कियाँ ) जो कीट रोधी लकड़ी के रूप काम में करता है। 


नीम से बनने वाली वर्तमान (आधुनिक) औषधि और उत्पाद। 

आयुर्वेदिक औषधियाँ (Neem-based Medicines)

नीम घन वटी (Neem Ghan Vati), निंबादी चूर्ण, नीम कैप्सूल / नीम टैबलेट, महामंजिष्ठादि काढ़ा (नीम मिश्रित) पंचतिक्त घृत, निंबघृत, नीम अर्क (Neem Extract Syrup)

नीम से बने आधुनिक हर्बल उत्पाद

नीम फेसवॉश, नीम साबुन ,नीम एंटीसेप्टिक क्रीम, नीम स्किन ऑइंटमेंट, नीम टूथपेस्ट / दंतमंजन, नीम हेयर ऑयल.


कृषि व घरेलू उपयोग की औषधियाँ

नीम ऑयल स्प्रे, नीम आधारित जैविक कीटनाशक, नीम खली (Neem Cake)


निष्कर्ष :- अतः हम कह सकते है की नीम केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि प्रकृति का अमूल्य वरदान है, जिसका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। क्योंकि  नीम एक अत्यंत उपयोगी और औषधीय वृक्ष है। इसके पत्ते, छाल, फूल, फल, बीज और तेल—सभी किसी न किसी रूप में मानव के काम आते हैं। नीम स्वास्थ्य की रक्षा करता है, वातावरण को शुद्ध बनाता है और खेती में प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में सहायक होता है। आयुर्वेद में नीम को रोगनाशक और रक्त शुद्धिकारी माना गया है। और  “जीवित औषधालय” कहा गया है। 


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